लास वेगास (अमेरिका). फ्लॉएड मेयवेदर शताब्दी की सबसे बड़ी फाइट के चैम्पियन बन गए हैं। उन्होंने कांटे की टक्कर में मैनी पकयाऊ को हराया। मेयवेदर के 116 अंक थे और पकयाऊ के 112। शुरुआती दो राउंड्स में मेयवेदर आगे हैं। इसके बाद पकयाऊ ने वापसी करते हुए अगले दो राउंड्स जीते। दोनों के बीच कांटे की टक्कर रही। लेकिन आखिरी कुछ राउंड्स में मेयवेदर रिंग में पकयाऊ पर भारी पड़ते नजर आए। इस जीत के साथ ही मेयवेदर 1142 करोड़ रुपए के हकदार बन गए।
लास वेगास में हुई फाइट, मैच पर 20 करोड़ का सट्टा
यह फाइट अमेरिकी शहर लास वेगास के एमजीएम ग्रैंड अरीना में हुई। इसे करबी 16500 लोगों ने देखा। दिलचस्प है कि किसे कितना पैसा मिलना है, यह पहले से तय था। मेयवेदर को मिलने हैं 1142 करोड़ और पकयाऊ को 761 करोड़ रुपए। चाहे हारें या जीतें। वैसे चैन्पियन बनने के बाद मेयवेदर को 6.34 करोड़ रुपए की हीरों से जड़ी बेल्ट भी मिली। मैच पर 20 हजार करोड़ का सट्टा भी लगा है।
सोशल मीडिया पर छाया पकयाऊ का ट्वीट
मैनी पकयाऊ ने लास वेगास में महा-मुकाबले से ठीक पहले एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “मुझे अपनी संभावित जीत के सुखद प्रीव्यू अभी से ही मिल रहे हैं।” पकयाऊ के ट्वीट को उनके फैन्स जमकर री-ट्वीट कर रहे हैं।
लैला अली भी थीं रोमांचित
इस महा-मुकाबले को लेकर बॉक्सर लैला अली भी काफी रोमांचित थीं। हालांकि, पहले खबर आई थी कि लैला ने मेयवेदर को एक छोटा बच्चा कहा था, लेकिन जब इसे लेकर विवाद बढ़ा तो लैला ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया था। लैला ने कहा था, “मेयवेदर एक महान बॉक्सर हैं और इस तरह की बातों से उनकी उपलब्धियों को कम नहीं किया जा सकता। मेरे पिता मो. अली महान बॉक्सर हैं और मेयवेदर ने भी बॉक्सिंग को काफी ऊंचाइयों कर पहुंचाया है। मैं इस फाइट को लेकर सिर्फ यही कहना चाहती हूं कि यह अब तक का सबसे बड़ा बॉक्सिंग इवेंट है। फैन्स और दुनियाभर से आए स्टार्स इस फाइट का रोमांच दोगुना कर रहे हैं।”
लास वेगास में हुई फाइट, मैच पर 20 करोड़ का सट्टा
यह फाइट अमेरिकी शहर लास वेगास के एमजीएम ग्रैंड अरीना में हुई। इसे करबी 16500 लोगों ने देखा। दिलचस्प है कि किसे कितना पैसा मिलना है, यह पहले से तय था। मेयवेदर को मिलने हैं 1142 करोड़ और पकयाऊ को 761 करोड़ रुपए। चाहे हारें या जीतें। वैसे चैन्पियन बनने के बाद मेयवेदर को 6.34 करोड़ रुपए की हीरों से जड़ी बेल्ट भी मिली। मैच पर 20 हजार करोड़ का सट्टा भी लगा है।
सोशल मीडिया पर छाया पकयाऊ का ट्वीट
मैनी पकयाऊ ने लास वेगास में महा-मुकाबले से ठीक पहले एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “मुझे अपनी संभावित जीत के सुखद प्रीव्यू अभी से ही मिल रहे हैं।” पकयाऊ के ट्वीट को उनके फैन्स जमकर री-ट्वीट कर रहे हैं।
लैला अली भी थीं रोमांचित
इस महा-मुकाबले को लेकर बॉक्सर लैला अली भी काफी रोमांचित थीं। हालांकि, पहले खबर आई थी कि लैला ने मेयवेदर को एक छोटा बच्चा कहा था, लेकिन जब इसे लेकर विवाद बढ़ा तो लैला ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया था। लैला ने कहा था, “मेयवेदर एक महान बॉक्सर हैं और इस तरह की बातों से उनकी उपलब्धियों को कम नहीं किया जा सकता। मेरे पिता मो. अली महान बॉक्सर हैं और मेयवेदर ने भी बॉक्सिंग को काफी ऊंचाइयों कर पहुंचाया है। मैं इस फाइट को लेकर सिर्फ यही कहना चाहती हूं कि यह अब तक का सबसे बड़ा बॉक्सिंग इवेंट है। फैन्स और दुनियाभर से आए स्टार्स इस फाइट का रोमांच दोगुना कर रहे हैं।”
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नई दिल्ली. अमेरिकी मीडिया ने दावा किया है कि दिल्ली में तीन दिनों तक रहने के कारण राष्ट्रपति बराक ओबामा के जिंदगी के छह घंटे कम हो गए। दिल्ली में वायु प्रदूषण का उल्लेख करते हुए अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट आई है। इसमें कहा गया है कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा है और इसका असर ओबामा की सेहत पर पड़ सकता है।
रिपोर्ट में दावा कि गया है विश्व में सबसे जयादा पीएम 2.5-थिनी दिल्ली की वायु में है, हवा में इस जहरीले कणों के चलते सांस संबंधी बीमारियां, लंग्स कैंसर और हर्ट अटैक होता है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है, 'ओबामा ने तीन दिनों के दौरे के दौरान दिल्ली का पीएम 2.5 लेवल औसतन 76-84 माइक्रोग्राम्स प्रति क्यूबिक मीटर के बीच था।' यह आंकड़ा भारत के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने संग्रह किया है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के सांख्यिकीविद डेविड स्पीगलहैल्टर का कहना है कि इस प्रदूषण के हिसाब से एक दिन में ओबामा की जिंदगी के दो घंटे कम हुए। डेविड स्पीगलहैल्टर को प्रदूषण से पैदा होने वाले खतरों के आकलन में विशेषज्ञता हासिल है।
स्पीगलहैल्टर का कहना है कि इस प्रदूषण से उतनी ही हानि हुई है जितनी की एक दिन में आठ सिगरेट पीने से होती है। इसी प्रदूषण के बीच ओबामा दिल्ली में रिपब्लिक डे परेड देखने के लिए दो घंटे तक खुले बैठे थे।
ओबामा के आने से पहले ही अमेरिकी अधिकारियों द्वारा दिल्ली के वायु प्रदूषण को लेकर चिंता जाहिर की गई थी। खबरें थीं कि दिल्ली में अमेरिकी दूतावास की ओर से 1800 स्वीडिश एयर प्यूरीफायर्स खरीदे गए थे। संयोग की बात है कि अमेरिका दुनिया में कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है, जबकि भारत इस मामले में तीसरे स्थान पर है।
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नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत के तीन दिवसीय दौरे के समापन के बाद सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला के निधन पर संवेदना जताने के लिए सऊदी अरब के लिए रवाना हो गए हैं। राष्ट्रपति का काफिला पालम एयर बेस से तय कार्यक्रम के अनुसार करीब 2 बजकर 2 मिनट पर अधिकारिक विमान एयरफोर्स वन से पत्नी मिशेल ओबामा के साथ सऊदी अरब के लिए रवाना हो गए। हिंदुस्तान का दिल जीत 'नमस्ते' के साथ ओबामा ने विदाई ली।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में दमदार भाषण दिया। भाषण में उन्होंने भारतीय संस्कृति की जमकर तारीफ की। ओबामा आज सिरीफोर्ट ओडिटोरियम में पूरे अंदाज में नजर आए। उन्होने अपने भाषण में फिल्म डीडीएलजे का डॉयलॉग का जिक्र करके भाषण को यादगार बना दिया। अपने भाषण की समाप्ति के बाद राष्ट्रपति ओबामा ने नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और उनकी एनजीओ बचपन बचाओ आंदोलन के तीन बच्चों से भी मुलाकात की।
इस पहले राष्ट्रपति ओबामा और प्रधानमंत्री मोदी के बीच रक्षा, परमाणु, व्यापार, विज्ञान, तकनीकि, निवेश, और आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर बात हुई। गौरतलब है कि अमेरिका राष्ट्रपति बराक ओबामा को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस पर आने के लिए आमंत्रित किया था। वे तीन दिनों के लिए भारत के दौरे पर थे
भारत ने ओबामा की यात्रा सुरक्षित तरीके से संपन्नि कराने के लिए जोरदार सुरक्षा प्रबंध किए हैं। ओबामा की सुरक्षा की जिम्मेरदारी मुख्यप रूप से नौ लोगों पर है। ये नौ लोग उन एजेंसियों के प्रमुख हैं, जिनके जिम्मे ओबामा की सात स्तूरीय सुरक्षा का जिम्मा है। ओबामा की आगरा यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा में करीब चार हजार पुलिस वाले तैनात रहेंगे। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के 100 एजेंट, बुलेटप्रूफ गाड़ियां, हेलिकॉप्टर और यमुना में मोटरबोट के जरिए भी निगरानी रखी जाएगी
दिल्ली में राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में 26 जनवरी को बतौर चीफ गेस्ट शामिल होने जा रहे अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की सुरक्षा के लिए शनिवार से ही 12,000 पुलिस और अद्धसैनिक बल के जवानों की तैनाती शुरू हो जाएगी। स्नाइपर शूटर रेसिडेंशियल कॉम्पलेक्स की ऊंची इमारतों से सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगे। दिल्ली पुलिस के अधिकारी के मुताबिक स्पेशल वेपंस एंड टैक्टिक्स टीम (स्वात) के जवान, जिन्हें हाई-रिस्क ऑपरेशन चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त होता है, उन्हें तैनात किया जाएगा
राजपथ पर परेड के दौरान ओबामा के लिए सात स्तरों की सुरक्षा होगी। सुरक्षा के इन सात घेरों की कमान अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों को दी गई है। ओबामा की सुरक्षा की जिम्मेदारी हर एजेंसी के मुखिया के ऊपर होगी, जिसकी तैनाती राजपथ पर होगी
दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क समझे जाने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की सुरक्षा के पहले घेरे की जिम्मेदारी उनके ही देश की सीक्रेट सर्विस और एजेंसियों के पास होगी।
ओबामा की सुरक्षा का पहला और सबसे भीतरी घेरा उनके ही देश की सीक्रेट सर्विस एंड एजेंसी तैयार करेगी। सीक्रेट सर्विस के स्पेशल कमांडो हर खतरे का मुकाबला कर ओबामा की सुरक्षा करेंगे। वे आधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस होते हैं। ओबामा और उनकी पत्नी के पास सुरक्षा घेरे में शामिल हर शख्स का पूरा ब्योरा रहेगा।
जोसफ पी. क्लेंसी यूएस सीक्रेट सर्विस के प्रमुख हैं। ओबामा के पहले घेरे की अंतिम जिम्मेदारी जोसफ के कंधों पर रहेगी। जोसफ के पास सीक्रेट सर्विस में काम करने का 27 साल का तजुर्बा है। जोसफ मई, 1984 में सीक्रेट सर्विस के एजेंट बने थे।
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अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा जनवरी 2015 में भारत जाएंगे और गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसैन राइस ने ट्वीट किया, पहली बार, अमेरिकी राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगे। हम भारत अमेरिका रणनीतिक भागीदारी को मजबूत और विस्तृत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मोदी ओबामा साथ-साथ
उन्होंने कहा राष्ट्रपति भारतीय गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के लिए जनवरी में भारत जाने के आकांक्षी हैं।
रणनीतिक संवाद के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा उप सलाहकार तथा ओबामा के विश्वस्त सहयोगी बेन रोडेस ने ट्विटर पर लिखा है भारतीय गणतंत्र दिवस के लिए मुख्य अतिथि के तौर पर जनवरी में भारत जाना राष्ट्रपति ओबामा के लिए सम्मान की बात है।
सेवानिवत्त अमेरिकी राजनयिक टेरेस्टिया शैफर ने अपने ब्लॉग साउथ एशिया हैंड डॉट कॉम में लिखा है यह बहुत बड़ी बात है। मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित करना एक बेहद प्रतिष्ठित न्यौता है जो भारत किसी विदेशी नेता को दे सकता है।
शैफर ने लिखा है कि जापान के प्रधानमंत्री को पिछले साल यह सम्मान मिला था। ओबामा यह सम्मान पाने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति तथा अपने कार्यकाल में दो बार भारत की यात्रा करने वाले पहले राष्ट्रपति भी होंगे।
दक्षिण एशिया मामलों के विशेषज्ञ तथा शीर्ष अमेरिकी विचार समूह विल्सन सेंटर से संबद्ध माइकल कुगेलमेन ने ओबामा द्वारा भारत का निमंत्रण स्वीकार किए जाने को ऐसी बड़ी खबर बताया जो अफगानिस्तान से गठबंधन बलों की वापसी के कुछ ही सप्ताह बाद एक दृढ़ संदेश देगी।
इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दिल्ली से दी गई एक खबर में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सितंबर में व्हाइट हाउस जाने के बाद ओबामा की यह यात्रा भारत अमेरिका रिश्तों में सुधार का एक प्रतीक है।
अमेरिकी के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बराक ओबामा की लोकप्रियता का ग्राफ इस सप्ताह काफी नीचे गिरकर औसतन 40 फीसदी रह गया। राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार उनकी लोकप्रियता का स्तर इतना नीचे गया है।
सर्वेक्षण संस्था 'गैलप' के मुताबिक 8 से 14 अगस्त के बीच ओबामा की लोकप्रियता का आंकड़ा औसतन 40 फीसदी तक आ गया।
इस सप्ताह में 11-13 अगस्त के दौरान ओबामा की लोकप्रियता गिरकर 39 फीसदी तक पहुंच गई। 12-14 अगस्त तक उनकी लोकप्रियता का ग्राफ 41 फीसदी रहा।
संस्था ने कहा कि नैशनल और इंटरनैशनल लेवल के नाटकीय घटनाक्रम को देखते हुए
यह पता करना कठिन है कि राष्ट्रपति के कामकाज की लोकप्रियता किन कारणों से नीचे गई है।
सर्वेक्षण संस्था 'गैलप' के मुताबिक 8 से 14 अगस्त के बीच ओबामा की लोकप्रियता का आंकड़ा औसतन 40 फीसदी तक आ गया।
इस सप्ताह में 11-13 अगस्त के दौरान ओबामा की लोकप्रियता गिरकर 39 फीसदी तक पहुंच गई। 12-14 अगस्त तक उनकी लोकप्रियता का ग्राफ 41 फीसदी रहा।
संस्था ने कहा कि नैशनल और इंटरनैशनल लेवल के नाटकीय घटनाक्रम को देखते हुए
यह पता करना कठिन है कि राष्ट्रपति के कामकाज की लोकप्रियता किन कारणों से नीचे गई है।
पूर्व एवं मौजूदा अधिकारियों के हवाले से एनबीसी न्यूज ने खबर दी है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा अमेरिका के लिए लंबे समय से, यहां तक कि 11 सितंबर की घटना के पहले से ही प्राथमिकता वाला मुद्दा रहा है। रिपोर्ट में जिन संभावित परिस्थितियों का जिक्र किया गया है उनमें पाकिस्तान में आंतरिक संकट, परमाणु संयंत्रों पर आतंकवादी हमले, भारत के साथ जंग, इस्लामी चरमपंथियों द्वारा सरकार का कार्यभार संभालना या सेना पर नियंत्रण करना शामिल है।
एनबीसी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी जंग में सबसे बड़ी कामयाबी वह सैन्य अभियान है जिसमें पिछले मई महीने में ओसामा बिन लादेन मारा गया। इसके बाद पाकिस्तान के परमाणु भंडार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों में यह संदेह लगातार बढ़ रहा है कि ओसामा का आईएसआई के अंदर समर्थन था। ऐबटाबाद ऑपरेशन के बाद अमेरिकी अधिकारियों के बीच यह भावना मजबूत हुई है कि ऐसे अभियान से पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को सुरक्षित किया जा सकता है। ओसामा बिन लादेन अभियान के बाद अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने कांग्रेस के समक्ष पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा और उसके गलत हाथों में जाने की आशंका व्यक्त की थी। इसके पहले पेंटागन की खबरों में भी उन संभावित परिस्थितियों का जिक्र किया गया है जब अमेरिका परमाणु हथियारों के गलत हाथों में जाने से रोकने के लिए अपनी ओर से कदम उठाएगा।
क्रेडिट रेटिंग में कटौती वाशिंगटन में हाल ही में कर्ज की सीमा बढ़ाए जाने को लेकर सरकारी जद्दोजहद के बाद की गई है। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि स्टैंडर्ड एंड पूअर्स के ये नतीजे गलत हैं।
इस बीच, अमेरिका और यूरोप के शेयर बाजारों में गिरावट का दौर जारी है। भारत में भी शुक्रवार को शेयर बाजार एक बार 17हजार से भी नीचे चला गया था और आखिर में 387.31 की गिरावट के साथ बंद हुआ।
अमेरिकी कृषि विभाग के ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 31.1 करोड़ की आबादी में से 4.6 करोड़ लोग सरकारी खाद्यान्न योजना पर निर्भर हैं। यह विभाग आधिकारिक तौर पर पूरक पोषाहार सहायता कार्यक्रम का संचालन करता है।
बताया जा रहा है कि उच्च बेरोजगारी दर और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की कमजोर हालत के चलते इस कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अक्टूबर 2007 में अमेरिका में इस कार्यक्रम के तहत केवल 2.7 करोड़ लोगों को खाद्यान्न सुरक्षा मुहैया करवाई जा रही थी। मगर आज यह संख्या बढ़रकर 4.6 करोड़ के स्तर पर जा पहुंची है। और कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ सकता है।
अमेरिका पाकिस्तान को एक ओर परमाणु बम रोकने का मन बना है वहीं दूसरी ओर उसकी लड़ाकू एफ-16 विमानों के बेड़े की क्षमता बढ़ाने में मदद कर रहा है। पाकिस्तानी न्यूज एजेंसी एपीपी की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने एफ-16 विमान बनाने वाली कंपनी लॉकहीड मार्टिन को 42.3 मिलियर डॉलर का ठेका दिया है। इसके तहत पाकिस्तान को एफ-16 विमानों के लिए 10 अतिरिक्ति अपग्रेड किट मुहैया कराए जाएंगे।
अमेरिकी मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक अगले महीने न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र की सालाना बैठक में पाकिस्तान को नए परमाणु बम बनाने से रोकने का मुद्दा उठेगा। अमेरिका को चार परमाणु शक्तियों का समर्थन प्राप्त है। इसलिए उसे अपना प्रस्ताव पारित कराने में मुश्किल नहीं आनी चाहिए।
अमेरिकी टीवी चैनल एनबीसी न्यूज ने यह खबर भी दी है कि अमेरिका इस बात की भी तैयारी कर रहा है कि अगर जरूरत पड़े तो पाकिस्तान के सौ परमाणु बम वह अपने कब्जे में कर ले। इसके लिए यह तर्क दिया जाएगा कि पाकिस्तान के परमाणु बम गलत हाथों में पड़ने का खतरा है। लेकिन पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि अगर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान और अमेरिका के बीच 'पूरी तरह लड़ाई' छिड़ जाएगी।
अमेरिका के कई मौजूदा और पूर्व अधिकारियों का कहना है कि 9/11 से पहले से ही पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा अमेरिका की सुरक्षा नीति की प्राथमिकता रही है। इन अफसरों के मुताबिक अमेरिका ने पाकिस्तान के बमों के गलत हाथ में जाने की आशंका को दूर करने के लिए 'गुप्त योजना' तैयार कर ली है।
लेकिन पाकिस्तान और अमेरिका के बीच नए मतभेद की ज़मीन अमेरिका की बम छीनने की योजना नहीं तैयार करेगी। बल्कि इसके लिए अमेरिका की वह नीति जिम्मेदार हो सकती है जिसके तहत अमेरिका अन्य परमाणु ताकत संपन्न देशों के साथ पाकिस्तान पर दबाव बनाकर फिसाइल मैटेरियल कट ऑफ ट्रीटी नाम का ऐसा समझौता कराने जा रहा है जिसके तहत पाकिस्तान को परमाणु बम बनाने में इस्तेमाल होने वाले मैटेरियल की सप्लाई रोक दी जाएगी। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक इस काम में ओबामा प्रशासन को चीन ने भी समर्थन देने का फैसला किया है। पेरिस में हाल ही में हुई कॉन्फ्रेंस में रूस, फ्रांस, ब्रिटेन ने चीन की तरह अमेरिका की योजना का समर्थन किया है।
अमेरिका और उसके साझेदार देश सितंबर तक इस मामले में समझौते की उम्मीद कर रहे हैं और इसके बाद संयुक्त राष्ट्र की सभा में जाकर फिसाइल मैटेरियल कट ऑफ ट्रीटी (एफएमसीटी) पर चर्चा की शुरुआत करने की योजना बनाई है।
अब तक पाकिस्तान ने एफएमसीटी से खुद को बचाने के लिए सभी तरह के अंतरराष्ट्रीय दबाव झेलता रहा है। पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि यूएन कॉन्फ्रेंस ऑन डिसआर्मामेंट (यूएनसीडी) के दायरे से बाहर अमेरिका के समर्थन वाली किसी भी डील का वह विरोध करेगा।
गौरतलब है कि जेनेवा में मौजूद यूएनसीडी निशस्त्रीकरण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, लेकिन यह ट्रिटी पिछले 12 सालों से रुकी हुई है क्योंकि पाकिस्तान इसका विरोध करता रहा है। अमेरिका के नए दांव के पीछे की रणनीति यही है कि एक ऐसा नया मंच तैयार हो जहां पाकिस्तान पर दबाव बनाया जा सके। अमेरिका की उप विदेश मंत्री एलेन टॉशर का कहना है कि एफएमसीटी पर हम यूएनसीडी के दायरे में ही सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे पाकिस्तान ने कई सालों से रोक रखा है।
वहीं, संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के प्रतिनिधि रजा बशीर तरार ने संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक में कहा था कि उनका देश ऐसी किसी भी प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेगा और इस समझौते को लागू नहीं करेगा। अपने ऊपर बढ़ते दबाव से बचने के लिए पाकिस्तान, भारत और अमेरिका की तर्ज पर अमेरिका के साथ परमाणु संधि करने की नाकाम कोशिश कर चुका है। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक अमेरिका के साथ समझौता करने से भारत के लिए परमाणु अप्रसार संधि पर दस्तखत किए बिना परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में मान्यता मिलने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।
अमेरिका ने पाकिस्तान की समझौता करने की पेशकश को यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि पाकिस्तान में डॉ. ए. क्यू. खान की अगुवाई में परमाणु बम बनाने की तकनीक कई देशों और संगठनों के साथ साझा करने की बात सामने आ चुकी है, जिसके चलते पाकिस्तान के साथ ऐसी संधि नहीं हो सकती है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के पास १०० से अधिक परमाणु हथियार बताए जाते हैं। पाकिस्तान दुनिया में सबसे तेजी से परमाणु हथियार बना रहा है। चीन के सहयोग से वह चश्मा में दो नए परमाणु प्लांट तैयार कर चुका है। इसके अलावा पाकिस्तान के अंदरूनी हालात इस बात की आशंका को जन्म देने के लिए काफी माने जा रहे हैं कि उसके परमाणु बम या उसकी तकनीक कभी भी तालिबान और अल कायदा जैसे आतंकी संगठनों के हाथ में जा सकते हैं।
अमरीकी अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर ने बताया कि इस वेबसाइट पर जो चित्र हैं उनमें बच्चों और नवजातों के साथ यौन प्रताड़ना का आभास होता है।इस मामले में 43 लोगों को हिरासत में लेकर आरोप तय किए गए हैं जबकि नौ लोगों को विदेशों में गिरफ़्तार किया गया है।अमरीका ने कुछ और देशों में 20 लोगों पर आरोप तय किए हैं लेकिन ये लोग पकड़े नहीं जा सके हैं।आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री जैनेट नेपोलितानो ने कहा है कि इन 20 लोगों को केवल उनके छद्म नाम से ही जाना जा रहा है।
नेपोलितानो के अनुसार जो पोर्नोग्राफ़िक सामग्री बरामद हुई है वो 16000 डीवीडी में भरी जा सकती है।अधिकारियों ने कनाडा, डेनमार्क, इक्वेडोर, फ्रांस, जर्मनी, हंगरी, कीनिया, हॉलैंड, फिलीपींस, सर्बिया, स्वीडन और स्विटज़रलैंड में भी गिरफ़्तारियाँ की हैं।
अमरीका के न्याय विभाग के अनुसार ड्रीमबोर्ड वेबसाइट के यूज़र्स ने 12 या 12 साल से कम उम्र के बच्चों की प्रताड़ना के वीडियो और चित्र लोगों को बेचे हैं।इस वेबसाइट का इस्तेमाल करने वालों ने बच्चों के साथ सेक्स की हज़ारों तस्वीरें और वीडियो जमा किए थे।
एरिक होल्डर का कहना था, "ऐसा लगता है कि इस वेबसाइट का इस्तेमाल करने वाले एक ऐसा ऑनलाइन समुदाय बना रहे थे जो बच्चों के साथ सेक्स को बढ़ावा देता। इनमें बच्चों का इस्तेमाल किया गया है वो घृणित है.ये उन बच्चों के लिए दुस्वप्न जैसा है।"न्याय विभाग के बयान के अनुसार अमरीका में जिन 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया है उसमें से 13 लोगों ने दोष स्वीकार किया है।
समाचार चैनल 'सीएनएन' के मुताबिक उच्च बेरोजगारी दर और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की कमजोर हालत के कारण इस कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अक्टूबर, 2007 में अमेरिका में इस कार्यक्रम के तहत केवल 2.7 करोड़ लोगों को खाद्यान्न सुरक्षा मुहैया करवाई जा रही थी।
पूरक पोषाहार सहायता कार्यक्रम के तहत एक व्यक्ति को आनाज की खरीद के लिए 200 डॉलर प्रति माह मुहैया करवाई जाती है। डेबिट कार्ड के रूप में उपलब्ध करवाई जाने वाली इस राशि से व्यक्ति सुपर बाजार या दुकानों से राशन की खरीद कर सकता है। एक दो लोगों के परिवार को प्रतिमाह 367 डॉलर प्रति माह और तीन लोगों के परिवार को 526 डॉलर प्रति माह और चार लोगों के परिवार को 668 डॉलर प्रति माह उपलब्ध करवाए जाते हैं।




