अब दिल्ली पुलिस इसकी जांच कर रही है कि यह चेक किसी साजिश के तहत तो नहीं भेजा गया था। मजेदार बात यह है कि 'रिश्वत' भेजने वाले शख्स ने अपने जिस अकाउंट का एक लाख रुपये का यह चेक भेजा था, उस अकाउंट में सिर्फ 38 हजार रुपये थे।
यदि कोई इस चेक को अपने खाते में डालता तो चेक बाउंस हो जाता, हालांकि चेक को किसी खाते में डालना इसलिए संभव नहीं है कि यह साफ तौर पर किसी के भी फेवर में ड्रा नहीं किया गया है। केनरा बैंक के इस चेक पर 'एचआर मिनिस्ट्री' लिखा है।
झारखंड रांची के धुर्वा से ओम प्रकाश के नाम से यह पत्र भेजा गया था। पुलिस की जांच में ओम प्रकाश की पहचान सही पाई गई है। पत्र में कहा गया कि उसे झारखंड की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में उसे रजिस्ट्रार अपॉइंट किया जाए। पत्र के साथ एक चेक भी अटैच्ड था।
एक लाख रुपये का यह चेक भी साथ में आने पर यह समझा गया कि नौकरी पाने के लिए रिश्वत देने की पेशकश या वैसी ही शरारत की गई है। मामला पुलिस को दे दिया गया। पार्लियामेंट थाने में केस रजिस्टर करने के बाद जांच हो रही है और टीम रांची भी भेजी जा रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना के समर्थन में खड़े हुए लोगों का गुस्सा उबाल पर है और निशाने पर हैं सरकार के मंत्री और नेता। दिल्ली में लोगों ने नेताओं को घेरना शुरू कर दिया है। अन्ना की अपील पर लोगों ने दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों में रहने वाले नेताओं और कई मंत्रियों के घर धरना प्रदर्शन किया।
दिल्ली में लोगों ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी, मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल और मुख्यमंत्री शीला दीक्षित समेत कई सांसदों के घरों के बाहर धरना दिया। लोगों के आंदोलन का सबसे पहला निशाना सिब्बल को बनाया। लगभग 40 प्रदर्शनकारी सिब्बल के तीन मूर्ति के घर के बाहर धरना देने पहुंचे और उनसे जन लोकपाल विधेयक को समर्थन देने की मांग की। लोगों ने कहा कि 'हम सिब्बल से गुजारिश करने आए हैं कि वह जनलोकपाल विधेयक का समर्थन करें। यह एक अच्छा विधेयक है और सभी को इसका समर्थन करना चाहिए।'
लोग वित्त मंत्री मुखर्जी के तालकटोरा रोड स्थित निवास के घर के बाहर भी जमा हुए और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के घर के बाहर भी अन्ना समर्थकों ने प्रदर्शन किया। लोग वंदे मातरम और भारत माता की जय जैसे नारे लगा रहे हैं।
इसके अलावा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत देश कई हिस्सों में लोग अपने सांसदों के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें फूल दे रहे हैं। ये लोग अपने सांसदों और नेताओं से जनलोकपाल बिल का समर्थन करने की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली में लोगों ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी, मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल और मुख्यमंत्री शीला दीक्षित समेत कई सांसदों के घरों के बाहर धरना दिया। लोगों के आंदोलन का सबसे पहला निशाना सिब्बल को बनाया। लगभग 40 प्रदर्शनकारी सिब्बल के तीन मूर्ति के घर के बाहर धरना देने पहुंचे और उनसे जन लोकपाल विधेयक को समर्थन देने की मांग की। लोगों ने कहा कि 'हम सिब्बल से गुजारिश करने आए हैं कि वह जनलोकपाल विधेयक का समर्थन करें। यह एक अच्छा विधेयक है और सभी को इसका समर्थन करना चाहिए।'
लोग वित्त मंत्री मुखर्जी के तालकटोरा रोड स्थित निवास के घर के बाहर भी जमा हुए और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के घर के बाहर भी अन्ना समर्थकों ने प्रदर्शन किया। लोग वंदे मातरम और भारत माता की जय जैसे नारे लगा रहे हैं।
इसके अलावा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत देश कई हिस्सों में लोग अपने सांसदों के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें फूल दे रहे हैं। ये लोग अपने सांसदों और नेताओं से जनलोकपाल बिल का समर्थन करने की मांग कर रहे हैं।