नई दिल्ली: दिल्ली में अपना खोया आधार वापस पाने के लिए चुनाव प्रचार में उतरे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज जहांगीर पुरी में रैली की। रैली दिल्ली चुनाव प्रचार के लिए थी लेकिन राहुल गांधी ने पहली बार कांग्रेस की पूर्व नेता जयंती नटराजन के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा,‘मैंने आदिवासियों के हक की लड़ाई लड़ी है। हां, मैंने जयंती नटराजन से पर्यावरण और आदिवासियों को बचाने के लिए कहा था। जब तक दम है, गरीबों के लिए लड़ता रहूंगा। मैं यहां चार-पांच उद्योगपतियों की राजनीति करने नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकार के लिए राजनीति करने आया हूं।
'मेक इन इंडिया की बात करने वाले पीएम मोदी पहनते हैं मेक इन यूके का सूट'
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की यात्रा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा नेमकोडेड सूट पहनने का मसला एक बार फिर उछालते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मेक इन इंडिया की बात करने वाले मोदी मेक इन यूके का सूट पहनते हैं। राहुल ने कहा, ‘देश में सारा फायदा नरेंद्र मोदी के चार-पांच बिजनेसमेन दोस्तों को फायदा मिल रहा है। खुद तो मोदी जी 10 लाख रुपए का सूट पहनते हैं वो भी मेक इन इंडिया नहीं, बल्कि मेक इन यूके है।
‘ जमीन अधिग्रहण बिल लाए, लेकिन राजनीतिक नुकसान हुआ
रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि इस देश में सबसे अधिक भ्रष्टाचार जमीन को लेकर होता है। इसके लिए हम जमीन अधिग्रहण बिल लेकर आए, लेकिन साथ ही माना कि इस बिल से उन्हें राजनीतिक नुकसान भी हुआ। राहुल ने आगे कहा, हमने भट्टा पारसोल में जाकर लड़ाई लड़ी। पहले सीएम किसी की भी जमीन छीनकर उद्योगपतियों को दे –देते थे। इसी तरह नोएडा में दो हजार एकड़ फॉर्मूला वन के लिए किसानोंं से छीनकर दे दी गई। हमने गरीबों और किसानों की लड़ाई लड़ी। विकास के लिए जरूरी काम किए। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने दिल्ली को पिछले 15 साल प्यार से चलाया। यहां सड़कें और फ्लाईओवर बनवाए। इससे करोड़ों लोगों की जिंदगी बदली।
दो साल में पूरी दिल्ली को मिलेगा मालिकाना हक
राहुल ने यहां चुनावी वादे करते हुए कहा अगर दिल्ली में कांग्रेस की सरकार बनी तो हम हर व्यक्ति को छत का अधिकार देंगे। दो साल के भीतर पूरी दिल्ली को मालिकाना हक देंगे। दिल्ली को सपनों का शहर बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां केवल अमीरों को सपने दिखते हैं, लेकिन गरीबों को भी सपने देखने का हक है। अगर कांग्रेस का सीएम बना, तो एक सप्ताह के अंदर ठेकेदारी को बंद कर ठेके पर काम कर रहे मजदूरों को नियमित करेंगे। छह महीने में बिजली डेढ़ रुपए प्रति यूनिट और कम दामों पर पानी लोगों को उपलबध कराएंगे।
पेट्रोल के दाम घटने का फायदा जनता को नहीं मिला
राहुल ने रैली में विपक्ष पर भी हमला बोला। कहा कि मोदी जी ने लोकसभा चुनावों से पहले लोगों को बड़े-बड़े सपने बेचे। सवाल किया कि लेकिन 6-7 महीने बीतने के बाद भी क्या आपकी जिंदगी बदली? उन्होंने कहा, देश में महंगाई बढ़ी हुई है। यहा हालात तब है जब पेट्रोल के दाम 140 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 40 रुपए प्रति बैरल तक आ चुके हैं। महंगाई का सीधा जुड़ाव पेट्रोल के इंटरनेशनल दामों से है। अब प्रति बैरल दाम 100 रुपए तक घट चुके हैं, मगर उसका फायदा जनता को नहीं मिल रहा। सारा फायदा केवल मोदी के चार-पांच बिजनेसमेन दोस्तों को ही मिल रहा है। जब आपका नुकसान होता है, तो उन लोगों का फायदा होता है। केजरीवाल पर भी किया हमला, बोले-अब धरना क्यों नहीं करते हैं
44 वर्षीय कांग्रेस नेता ने आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि क्या अब भ्रष्टाचार खत्म हो गया, क्या दिल्ली में रेप के मामले नहीं बढ़ें हैं, तो कांग्रेस की सरकार के वक्त धरना देने वाले केजरीवाल और उनकी पार्टी अब क्यों नहीं धरना प्रदर्शन देते। राहुल ने कहा कि लोगों को न ही अरविंद केजरीवाल से फायदा मिलने वाला है और न ही मोदी से। वादे करना आसान है, लेकिन काम करना अलग बात है। कल बीजेपी ने नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को विदेशी बता दिया। एक तरफ विकास की बात करते हैं, तो दूसरी तरफ सांप्रदायिक लड़ाई करवाते हैं। इसमें नुकसान केवल लोगों का होता है।
'मेक इन इंडिया की बात करने वाले पीएम मोदी पहनते हैं मेक इन यूके का सूट'
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की यात्रा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा नेमकोडेड सूट पहनने का मसला एक बार फिर उछालते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मेक इन इंडिया की बात करने वाले मोदी मेक इन यूके का सूट पहनते हैं। राहुल ने कहा, ‘देश में सारा फायदा नरेंद्र मोदी के चार-पांच बिजनेसमेन दोस्तों को फायदा मिल रहा है। खुद तो मोदी जी 10 लाख रुपए का सूट पहनते हैं वो भी मेक इन इंडिया नहीं, बल्कि मेक इन यूके है।
‘ जमीन अधिग्रहण बिल लाए, लेकिन राजनीतिक नुकसान हुआ
रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि इस देश में सबसे अधिक भ्रष्टाचार जमीन को लेकर होता है। इसके लिए हम जमीन अधिग्रहण बिल लेकर आए, लेकिन साथ ही माना कि इस बिल से उन्हें राजनीतिक नुकसान भी हुआ। राहुल ने आगे कहा, हमने भट्टा पारसोल में जाकर लड़ाई लड़ी। पहले सीएम किसी की भी जमीन छीनकर उद्योगपतियों को दे –देते थे। इसी तरह नोएडा में दो हजार एकड़ फॉर्मूला वन के लिए किसानोंं से छीनकर दे दी गई। हमने गरीबों और किसानों की लड़ाई लड़ी। विकास के लिए जरूरी काम किए। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने दिल्ली को पिछले 15 साल प्यार से चलाया। यहां सड़कें और फ्लाईओवर बनवाए। इससे करोड़ों लोगों की जिंदगी बदली।
दो साल में पूरी दिल्ली को मिलेगा मालिकाना हक
राहुल ने यहां चुनावी वादे करते हुए कहा अगर दिल्ली में कांग्रेस की सरकार बनी तो हम हर व्यक्ति को छत का अधिकार देंगे। दो साल के भीतर पूरी दिल्ली को मालिकाना हक देंगे। दिल्ली को सपनों का शहर बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां केवल अमीरों को सपने दिखते हैं, लेकिन गरीबों को भी सपने देखने का हक है। अगर कांग्रेस का सीएम बना, तो एक सप्ताह के अंदर ठेकेदारी को बंद कर ठेके पर काम कर रहे मजदूरों को नियमित करेंगे। छह महीने में बिजली डेढ़ रुपए प्रति यूनिट और कम दामों पर पानी लोगों को उपलबध कराएंगे।
पेट्रोल के दाम घटने का फायदा जनता को नहीं मिला
राहुल ने रैली में विपक्ष पर भी हमला बोला। कहा कि मोदी जी ने लोकसभा चुनावों से पहले लोगों को बड़े-बड़े सपने बेचे। सवाल किया कि लेकिन 6-7 महीने बीतने के बाद भी क्या आपकी जिंदगी बदली? उन्होंने कहा, देश में महंगाई बढ़ी हुई है। यहा हालात तब है जब पेट्रोल के दाम 140 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 40 रुपए प्रति बैरल तक आ चुके हैं। महंगाई का सीधा जुड़ाव पेट्रोल के इंटरनेशनल दामों से है। अब प्रति बैरल दाम 100 रुपए तक घट चुके हैं, मगर उसका फायदा जनता को नहीं मिल रहा। सारा फायदा केवल मोदी के चार-पांच बिजनेसमेन दोस्तों को ही मिल रहा है। जब आपका नुकसान होता है, तो उन लोगों का फायदा होता है। केजरीवाल पर भी किया हमला, बोले-अब धरना क्यों नहीं करते हैं
44 वर्षीय कांग्रेस नेता ने आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि क्या अब भ्रष्टाचार खत्म हो गया, क्या दिल्ली में रेप के मामले नहीं बढ़ें हैं, तो कांग्रेस की सरकार के वक्त धरना देने वाले केजरीवाल और उनकी पार्टी अब क्यों नहीं धरना प्रदर्शन देते। राहुल ने कहा कि लोगों को न ही अरविंद केजरीवाल से फायदा मिलने वाला है और न ही मोदी से। वादे करना आसान है, लेकिन काम करना अलग बात है। कल बीजेपी ने नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को विदेशी बता दिया। एक तरफ विकास की बात करते हैं, तो दूसरी तरफ सांप्रदायिक लड़ाई करवाते हैं। इसमें नुकसान केवल लोगों का होता है।
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दिल्ली: कांग्रेस से एक और पूर्व मंत्री ने साथ छोड़ दिया। यूपीए सरकार में पर्यावरण मंत्री रहीं जयंती नटराजन ने कांग्रेस छोड़ दी है। उनके द्वारा सोनिया गांधी को लिखा लेटर मीडिया में आने के बाद शुक्रवार दोपहर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र की कमी की बात भी उठाई
जयंती नटराजन ने कहा, 'मैंने पार्टी की हर बात मानी, मगर मुझे क्यों हटाया गया था, कुछ पता नहीं। अभी मेरा किसी और पार्टी को जॉइन करने का इरादा नहीं है।' कांग्रेस हाई कमान पर हमला करते हुए जयंती ने कहा कि राज्य कांग्रेस से कोई विवाद नहीं। समस्या हाई कमान से है। मुझे मैडम सोनिया गांधी से मिलने का वक्त नहीं दिया गया
रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में ही जयंती ने कांग्रेस से अपने रिश्ते की बात कही। उन्होंने कहा कि मेरे लिए ये दर्द भले पल हैं क्योंकि मेरा परिवार कांग्रेस के साथ इसके गठन के वक्त से है। हालांकि उन्होंने यह कहते देर नहीं लगाई कि अब वक्त आ गया है जब मुझे कांग्रेस से जुड़े होने पर पुनर्विचार करना पड़ेगा। यह कांग्रेस वह नहीं है, जिसके साथ मैं जुड़ी थी।
पर्यावरण मंत्री के पद से हटाए जाने पर जयंती ने बोला, मैंने मंत्री के रूप में हर कदम कानून के मुताबिक और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए उठाया। मैंने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया।' इसके अलावा 'कांग्रेस उपाध्यक्ष के ऑफिस ने भी कहा कि बड़े प्रॉजेक्ट्स की वजह से पर्यावरण का नुकसान नहीं होना चाहिए। पार्टी का भी यही रुख था। ऐसे में मैंने यही किया।'
जयंती ने कहा कि पार्टी लाइन पर चलने के बावजूद मुझे मंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिलवाया गया, यह मुझे आज तक समझ में नहीं आया। 'जब मैंने इस्तीफा दिया था, प्रधानमंत्री ने मेरे काम की तारीफ की थी। कोई गलती या कमी नहीं गिनाई गई थी।'
लोकसभा चुनाव के पहले नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण मंत्रालय को लेकर 'जयंती टैक्स' कहकर तंज कसा था। इस पर जयंती नटराजन ने कहा, 'पीएम मोदी ने 'जयंती टैक्स' की बात की थी। अब वह सरकार में हैं, इसकी जांच करवा लें। मैं इसका स्वागत करती हूं।' GoTvNews
बाराबंकी। राहुल का पूर्वांचल दौरा शुरू हो चुका है। आज बाराबंकी में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए राहुल ने बीजेपी, एसपी और बीएसपी की सरकारों को जनता विरोधी कहा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने यूपी को केवल लूटा है। अभी भी लूट रहे हैं। यदि कांग्रेस की सरकार बनती है तो हम 10 सालों में यूपी में विकास करके मिसाल काय़म कर सकते हैं। राहुल ने कहा कि, केंद्र से विकास के लिए जो पैसा भेजा जाता है। उसे यूपी के मंत्रियों और अफसरों का जेब भरा जाता है। मनरेगा का कार्ड गरीबों की बजाय दबंगों के पास है। जननी सुरक्षा योजना का पैसा बिचौलिए खा गए हैं। यूपी को दिल्ली की सरकार नहीं बदल सकती। इसके लिए जनता को यूपी की सरकार बदलनी होगी। हिन्दुस्तान के पास पैसों की कमी नहीं है। जरूरत है पैसों को सही जगह तक सही समय में पहुंचाने की।
उन्होंने कहा कि केंद्र ने बुनकरों को विशेष पैकेज दिया है। इस बात का पूरा ख्याल रखा जा रहा है कि यह पैसा उन तक पहुंचे। इसके लिए बुनकरों के अकाउंट तक सीधे पैसा पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
सुरक्षा घेरा एक बार फिर टूटा
यूपी के पूर्वांचल के दौरे पर निकले राहुल गांधी का सुरक्षा घेरा एक बार फिर टूट गया। यहां उनके काफिले में एक युवक घूस गया। बताया जा रहा है कि वह युवक कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता सुवोध श्रीवास्तव को विधान सभा का टीकट नहीं मिलने से नाराज था। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। विगत 14 नवंबर को भी इलाहाबाद के फूलपुर में कुछ युवक विरोधी नारा लगाते हुए हेलीपैड तक पहुंच गए थे।
गौरतलब है कि राहुल पांच दिनों में सात जिलों में रोड शो करेंगे। इसकी शुरुआत बाराबंकी से हो गई है। रोड शो में प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के साथ राहुल प्रदेश के विकास को मुद्दा बना रहे हैं।
पांच दिन के कार्यक्रम का समापन कुशीनगर में एक चुनावी सभा से होगा। राहुल गांधी को जिन क्षेत्रों से गुजरना है वहां लोकसभा चुनाव में पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया था। बाराबंकी, फैजाबाद, श्रावस्ती और बस्ती में कांग्रेस के सांसद हैं।
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बहराइच। यूपी में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जनसंपर्क अभियान पर निकले कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने पिछले दिनों दिए गए अपने भीख मांगने वाले बयान पर पहली बार सफाई दी है। राहुल ने कहा कि वो जब दिल्ली की सड़कों पर भिखारियों से पूछते हैं कि कहां के हो तो जवाब मिलता है यूपी के!राहुल ने कौसरगंज में आयोजित एक सभा में भाषण देते हुए कहा-जब मैंने कहा कि कब तक यूपी के लोग महाराष्ट्र जाएंगे, कब तक दिल्ली जाएंगे और मैंने कहा कि कब तक भीख मांगेंगे। तो बातें हुईं। ये जो नेता है ये टीवी पर आते हैं लेकिन जब दिल्ली में उनकी गाड़ी रुकती है तो बाहर जो भीख मांग रहा होता है उससे ये बात नहीं करते लेकिन मैं करता हूं। जब मैं अपनी गाड़ी का शीशा नीचे कर भिखारी से पूछता हूं कि भैया कहां के हो तो वो कहते हैं यूपी के।
राहुल की ये सफाई उनके विरोधियों को शांत करेगी या उन्हें उनपर हमले की और वजहें देगी ये तो वक्त बताएगा लेकिन साफ है कि राहुल को अपनी भीख पॉलिटिक्स को लेकर किसी तरह का अफसोस नहीं है। इस सभा के दौरान समाजवादी पार्टी के कुछ युवकों ने राहुल को काले झंडे भी दिखाए लेकिन वहां मौजूद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उनकी खूब धुनाई की। इससे सपा कार्यकर्ता चोटिल भी हुए हैं।
मार्च 2005 में अमेरिकी राजनयिक रॉबर्ट ओ ब्लैक की बातचीत राजनीतिक विश्लेषक सईद नकवी से हुई थी। नकवी ने कहा था कि वह राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी के दोस्त थे और गांधी परिवार के शुभचिंतक हैं। नकवी के मुताबिक कांग्रेस के भीतर की खबर रखने वाले और सोनिया गांधी के बेहद करीबी लोग यह मानते हैं कि कई वजहों से राहुल गांधी कभी भी देश के प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। नकवी के मुताबिक राहुल गांधी को इमोशनल और साइकॉलजिकल नेचर की‘ पर्सनैलिटी प्रॉब्लम्स’ हैं, जिसकी वजह से वह प्रधानमंत्री के रूप में काम नहीं कर पाएंगे।
नकवी के मुताबिक कांग्रेस में उनके परिचितों ने उन्हें बताया, ‘अमेठी के एमपी के रूप में राहुल असफल रहे। कांग्रेस को उम्मीद थी कि राहुल गांधी यूपी में बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे लेकिन उन्होंने कुछ अच्छा करने की बजाय पार्टी को नुकसान ही पहुंचाया। राहुल का कोई प्रभाव राज्य के लोगों पर नहीं पड़ा। इससे इस बात की उम्मीद कम है कि कांग्रेस यूपी के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से सत्ता छीन पाए। कांग्रेस के लिए बेहतर होगा कि वह मायावती की पार्टी की जूनियर पार्टनर बन जाए।’
नकवी ने यह भी कहा कि गांधी परिवार ने हमेशा इस बात को प्राथमिकता दी कि प्रियंका गांधी राजनीति में आएं क्योंकि वह ज्यादा समझदार हैं। सोनिया गांधी के बारे में नकवी ने कहा कि वह भी भारतीय मांओं की तरह अपने बेटे को लेकर चिंतित रहती हैं।
हांलाकि इससे पहले संसद से निकलते समय पत्रकारों ने जब राहुल से अन्ना के अनशन के बारे में पूछा तो उन्होंने सवाल को अनसूना कर दिया और बिना बोले ही चलते बने।

