राज्यसभा ने गुरुवार को एक नया इतिहास रचते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस सौमित्र सेन के खिलाफ पैसे की हेराफेरी और करप्शन के आरोप में महाभियोग प्रस्ताव दो-तिहाई बहुमत से पारित कर दिया।
सीपीएम सदस्य सीताराम येचुरी द्वारा पेश किए गए महाभियोग प्रस्ताव के समर्थन में 189 और विरोध में 17 मत पड़े।
उच्च सदन में बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों ने इस प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया।
राज्यसभा में जस्टिस सेन के खिलाफ 2 दिन तक चली महाभियोग कार्यवाही के दौरान उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बुधवार को राज्यसभा सभापति हामिद अंसारी ने करीब 2 घंटे का समय दिया था। जस्टिस सेन ने अपने खिलाफ सारे आरोपों को न सिर्फ खारिज किया, बल्कि भारत के तत्कालीन चीफ जस्टिस के खिलाफ भी टीका-टिप्पणी की।
सीपीएम सदस्य सीताराम येचुरी द्वारा पेश किए गए महाभियोग प्रस्ताव के समर्थन में 189 और विरोध में 17 मत पड़े।
उच्च सदन में बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों ने इस प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया।
राज्यसभा में जस्टिस सेन के खिलाफ 2 दिन तक चली महाभियोग कार्यवाही के दौरान उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बुधवार को राज्यसभा सभापति हामिद अंसारी ने करीब 2 घंटे का समय दिया था। जस्टिस सेन ने अपने खिलाफ सारे आरोपों को न सिर्फ खारिज किया, बल्कि भारत के तत्कालीन चीफ जस्टिस के खिलाफ भी टीका-टिप्पणी की।