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कराची:दिल्ली करीब डेढ़ दशक पहले दुर्घटनावश सीमा पार करके पाकिस्तान चली मूक-बधिर भारतीय महिला गीता भारत लौट आई है। उसके साथ वहां उसकी देख रेख कर रहे परिवार के लोग भी दिल्ली आए हैं।सुषमा स्वराज ने किया स्वागत
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार दोपहर संवाददाता सम्मेलन में कहा, मैं हिंदुस्तान की बेटी का हिंदुस्तान की सरजमीं पर स्वागत करती हूं। इसके साथ ही उन्होंने बताया, हमने गीता के माता-पिता की तलाश रोकी नहीं है, गीता ने अभी किसी को पहचाना नहीं है। उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि गीता सांकेतिक भाषा सीखे। उसका परिवार मिलने के बाद भी हम चाहते हैं कि वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने। वहीं पाकिस्तानी उच्चायोग के मीडिया सलाहकार मंजूर मेमन ने कहा, 'गीता का मामला भारत पाकिस्तान के लोगों की आपसी आत्मीयता दिखाता है। गीता के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंचे पाकिस्तानी राजनयिक ने उम्मीद जताई है कि भारत यहां की जेलों में बंद... पाकिस्तानी नागरिकों के साथ भी ऐसा ही ख्याल रखेगा।'
संपत्ति ने बढ़ाया सियासी कद
कर्नाटक बीजेपी में रेड्डी भाइयों के रसूख की वजह उनकी अरबों रुपये की संपत्ति है। माना जाता है कि उन्होंने मई, 2008 में बीजेपी के लिए बहुमत जुटाने में अहम भूमिका अदा की, जिससे दक्षिण भारत में पार्टी की पहली सरकार बन पाई। उन चुनावों में बीजेपी ने 225 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा की 110 सीटें जीती थीं। इन्होंने पार्टी को 5 निर्दलीय विधायकों का समर्थन दिलाया, जिससे वह सदन में 115 के आंकड़े पर पहुंच सकी। इन पांचों निर्दलीयों को कैबिनेट में जगह दी गई।
पैसा भी लगाया
माना जाता है कि रेड्डी ब्रदर्स ने बीजेपी का 'ऑपरेशन लोटस' प्रायोजित किया, जिसके तहत कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को इस्तीफा दिलवाकर बीजेपी के टिकट पर उपचुनाव लड़वाया गया। इन चुनावों में उन्होंने बीजेपी को जीत दिलाकर उसकी सीटों की संख्या 119 पर पहुंचाई और पार्टी को अपने बूते पर बहुमत दिलाया।
बगावत की
2009 में रेड्डी भाइयों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री येदयुरप्पा के खिलाफ बगावत की। वजह थी बेल्लारी में अधिकारियों की मनमाफिक तैनाती की छूट न मिलना। वे जेटली, नायडू और दूसरे नेताओं के कहने के बावजूद पीछे नहीं हटे। तब सुषमा ने हस्तक्षेप किया। येदयुरप्पा को भारी कीमत चुकानी पड़ी। उन्हें अपनी नजदीकी और एकमात्र महिला मंत्री शोभा करंदलाजे को सरकार से बाहर करना पड़ा। कुछ विश्वासपात्र अधिकारियों को भी हटाना पड़ा।
