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कराची:दिल्ली करीब डेढ़ दशक पहले दुर्घटनावश सीमा पार करके पाकिस्तान चली मूक-बधिर भारतीय महिला गीता भारत लौट आई है। उसके साथ वहां उसकी देख रेख कर रहे परिवार के लोग भी दिल्ली आए हैं।सुषमा स्वराज ने किया स्वागत
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार दोपहर संवाददाता सम्मेलन में कहा, मैं हिंदुस्तान की बेटी का हिंदुस्तान की सरजमीं पर स्वागत करती हूं। इसके साथ ही उन्होंने बताया, हमने गीता के माता-पिता की तलाश रोकी नहीं है, गीता ने अभी किसी को पहचाना नहीं है। उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि गीता सांकेतिक भाषा सीखे। उसका परिवार मिलने के बाद भी हम चाहते हैं कि वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने। वहीं पाकिस्तानी उच्चायोग के मीडिया सलाहकार मंजूर मेमन ने कहा, 'गीता का मामला भारत पाकिस्तान के लोगों की आपसी आत्मीयता दिखाता है। गीता के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंचे पाकिस्तानी राजनयिक ने उम्मीद जताई है कि भारत यहां की जेलों में बंद... पाकिस्तानी नागरिकों के साथ भी ऐसा ही ख्याल रखेगा।'
नई दिल्ली : भारतीय सेना के जवान और अफसर बुलेट प्रूफ जैकेट्स की कमी से जूझ रहे हैं। भारतीय सेना दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी सेना है लेकिन इसके बावजूद हमारी सेना के पास लाइफ सेविंग जैकेट्स की कमी है। हालांकि सरकार का कहना है कि अभी सेना के पास पर्याप्त जैकेट्स हैं लेकिन वह यह भी मानती है कि अगले साल तक ये जैकेट्स एक्सपायर्ड हो जाएंगी।
6 सालों में पूरी नहीं हो पाई मांग
सेना को ये जैकेट्स उपलब्ध कराने का काम कितनी लचर है इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2009 में 1,86,138 जैकेट्स की मांग सेना की ओर से की गई थी लेकिन लगभग 6 साल बीत जाने के बाद भी इस पर कोई फैसला नहीं किया जा सका है। इससे भी ज्यादा हैरानी की बात यह है कि 2012 में इन लाइफ जैकेट्स की मांग का आंकड़ा साढ़े तीन लाख से ऊपर पहुंच गया। सवाल यह है कि जब 2009 की मांग ही पूरी नहीं हो पाई तो 2012 की मांग के बारे में सरकार क्या करेगी। साल 2009 में यूपीए शासनकाल के दौरान सैन्य खरीद के लिए जिम्मेदार संगठन डीएसी ने खुद इन जैकेट्स को खरीदने की अनुशंसा की थी। 2009 के बाद यूपीए एक बार फिर सत्ता में आई लेकिन फिर भी जैकेट्स की खरीद नहीं हो पाई। अब मोदी सरकार सत्ता में है लेकिन अब भी इन्हें खरीदा नहीं जा सका है।
प्रपोजल मंगाए पर फैसला नहीं
अब सेना की इस जरूरत पर फैसला करने का अधिकार संसदीय समिति के पास है जिसका नेतृत्व बीजेपी सांसद मेजर जनरल बीसी खंडूरी (रिटायर्ड) कर रहे हैं। समिति ने अपनी रिपोर्ट में जैकेट्स मिलने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। समिति ने सरकार से दो महीने के भीतर इस मुद्दे पर रिपोर्ट मांगी है। वैसे, सच यह भी है कि साल 2009 में डीएसी स्वीकृति के बाद रक्षा मंत्रालय ने 39 वेंडर्स से बातचीत की थी लेकिन केवल छह ने ही इन जैकेट्स की सप्लाई पर सकारात्मक रुख दिखाया। सेना ने उम्मीद जताई है कि बुलेट प्रूफ जैकेट्स की आपूर्ति जल्द ही की जा सकेगी। एक जैकेट की कीमत करीब 50 हजार रुपए है।
6 सालों में पूरी नहीं हो पाई मांग
सेना को ये जैकेट्स उपलब्ध कराने का काम कितनी लचर है इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2009 में 1,86,138 जैकेट्स की मांग सेना की ओर से की गई थी लेकिन लगभग 6 साल बीत जाने के बाद भी इस पर कोई फैसला नहीं किया जा सका है। इससे भी ज्यादा हैरानी की बात यह है कि 2012 में इन लाइफ जैकेट्स की मांग का आंकड़ा साढ़े तीन लाख से ऊपर पहुंच गया। सवाल यह है कि जब 2009 की मांग ही पूरी नहीं हो पाई तो 2012 की मांग के बारे में सरकार क्या करेगी। साल 2009 में यूपीए शासनकाल के दौरान सैन्य खरीद के लिए जिम्मेदार संगठन डीएसी ने खुद इन जैकेट्स को खरीदने की अनुशंसा की थी। 2009 के बाद यूपीए एक बार फिर सत्ता में आई लेकिन फिर भी जैकेट्स की खरीद नहीं हो पाई। अब मोदी सरकार सत्ता में है लेकिन अब भी इन्हें खरीदा नहीं जा सका है।
प्रपोजल मंगाए पर फैसला नहीं
अब सेना की इस जरूरत पर फैसला करने का अधिकार संसदीय समिति के पास है जिसका नेतृत्व बीजेपी सांसद मेजर जनरल बीसी खंडूरी (रिटायर्ड) कर रहे हैं। समिति ने अपनी रिपोर्ट में जैकेट्स मिलने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। समिति ने सरकार से दो महीने के भीतर इस मुद्दे पर रिपोर्ट मांगी है। वैसे, सच यह भी है कि साल 2009 में डीएसी स्वीकृति के बाद रक्षा मंत्रालय ने 39 वेंडर्स से बातचीत की थी लेकिन केवल छह ने ही इन जैकेट्स की सप्लाई पर सकारात्मक रुख दिखाया। सेना ने उम्मीद जताई है कि बुलेट प्रूफ जैकेट्स की आपूर्ति जल्द ही की जा सकेगी। एक जैकेट की कीमत करीब 50 हजार रुपए है।
नई दिल्ली: संसद में बेटा पैदा करने वाली दवा को लेकर विवाद पर शुक्रवार को योग गुरु बाबा रामदेव ने सफाई दी। उन्होंने दवा का नाम बदलने से इनकार कर दिया। रामदेव ने कहा, '''पुत्रजीवक बीज' का उनके पास लाइसेंस है और इसे कानूनी तरीके से बेचा जा रहा है। इस पर सवाल उठाने वालों को पता होना चाहिए कि इस दवा का संबंध बेटा या बेटी पैदा होने से नहीं है। यह केवल बच्चा पैदा करने में मददगार है।'' हालांकि, उन्होंने इतना जरूर कहा कि अगले स्लॉट में दवा के पैकेट पर स्पष्टीकरण भी प्रकाशित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विरोधी फकीर (रामदेव) के बहाने वजीर (नरेंद्र मोदी) पर निशाना साधने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि गुरुवार को राज्यसभा में जेडीयू सांसद केसी त्यागी ने 'पुत्रजीवक बीज' दवा का मुद्दा उठाया था। दावा किया गया था कि आयुर्वेद के नाम पर रामदेव बेटा पैदा करने की दवा बेच रहे हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
रामदेव बोले- माफी मांगे केसी त्यागी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रामदेव ने दावा किया कि उनकी दवा का संंबध बेटा-बेटी पैदा करने से नहीं है। विरोध करने वालों सबसे पहले आयुर्वेद को समझ लेना चाहिए। उन्होंने कहा, ''हमारा काम योग और आयुर्वेदिक संस्कृति का प्रचार करना है। विरोध तो होंगे ही, लेकिन बेबुनियाद विरोध का हम जवाब देंगे। केसी त्यागी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।'' रामदेव ने उन आरोपों को भी नकारा कि वह सेक्स को बढ़ाने की दवा बेच रहे हैं। उन्होंने कहा, ''हमारी संस्था ने कभी ऐसी कोई दवा नहीं बेची। हां, मैं इतना जरूर दावा करता हूं कि योग के जरिए सेक्स डिसऑर्डर और सेक्स कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें योग की क्रियाएं मदद करती हैं लेकिन कुछ लोग इसे लेकर गलतफहमी फैला रहे हैं।''
संसद में ये कहा था त्यागी ने
जेडीयू सांसद केसी त्यागी गुरुवार को 'पुत्रजीवक बीज' दवा लेकर पहुंचे थे। उन्होंने इस पर तुरंत बैन लगाने की मांग की थी। गुलाम नबी आजाद, जया बच्चन और जावेद अख्तर समेत पूरे विपक्ष ने सरकार से रामदेव के खिलाफ तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। इसके बाद सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री ने जांच का आश्वासन और कार्रवाई का भरोसा दिया था। त्यागी ने कहा था कि रामदेव मोदी सरकार के करीबी हैं और हरियाणा सरकार के ब्रांड एंबेसडर, सरकार को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। त्यागी ने रामदेव के बहाने मोदी पर निशाना साधा था कि एक ओर प्रधानमंत्री 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान चला रहे हैं तो दूसरी ओर उनके करीबी बेटा पैदा करने की दवा बेच रहे हैं।
त्यागी को मंजूर नहीं सफाई, कहा नहीं मांगूंगा माफी
जदयू सांसद केसी त्यागी ने दवा विवाद को लेकर रामदेव से माफी मांगने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ''विज्ञापन पर 'पुत्रजीवक बीज' लिखा हुआ है। जैसे सिगरेट के पैकेट पर चेतावनी लिखी रहती है, वैसे ही रामदेव अपनी दवा पर लिखवाएं कि पुत्र-पुत्री प्राप्ति से इस दवा का कोई संबंध नहीं है, तो मेरा विरोध समाप्त हो जाएगा।"
रामदेव बोले- माफी मांगे केसी त्यागी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रामदेव ने दावा किया कि उनकी दवा का संंबध बेटा-बेटी पैदा करने से नहीं है। विरोध करने वालों सबसे पहले आयुर्वेद को समझ लेना चाहिए। उन्होंने कहा, ''हमारा काम योग और आयुर्वेदिक संस्कृति का प्रचार करना है। विरोध तो होंगे ही, लेकिन बेबुनियाद विरोध का हम जवाब देंगे। केसी त्यागी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।'' रामदेव ने उन आरोपों को भी नकारा कि वह सेक्स को बढ़ाने की दवा बेच रहे हैं। उन्होंने कहा, ''हमारी संस्था ने कभी ऐसी कोई दवा नहीं बेची। हां, मैं इतना जरूर दावा करता हूं कि योग के जरिए सेक्स डिसऑर्डर और सेक्स कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें योग की क्रियाएं मदद करती हैं लेकिन कुछ लोग इसे लेकर गलतफहमी फैला रहे हैं।''
संसद में ये कहा था त्यागी ने
जेडीयू सांसद केसी त्यागी गुरुवार को 'पुत्रजीवक बीज' दवा लेकर पहुंचे थे। उन्होंने इस पर तुरंत बैन लगाने की मांग की थी। गुलाम नबी आजाद, जया बच्चन और जावेद अख्तर समेत पूरे विपक्ष ने सरकार से रामदेव के खिलाफ तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। इसके बाद सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री ने जांच का आश्वासन और कार्रवाई का भरोसा दिया था। त्यागी ने कहा था कि रामदेव मोदी सरकार के करीबी हैं और हरियाणा सरकार के ब्रांड एंबेसडर, सरकार को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। त्यागी ने रामदेव के बहाने मोदी पर निशाना साधा था कि एक ओर प्रधानमंत्री 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान चला रहे हैं तो दूसरी ओर उनके करीबी बेटा पैदा करने की दवा बेच रहे हैं।
त्यागी को मंजूर नहीं सफाई, कहा नहीं मांगूंगा माफी
जदयू सांसद केसी त्यागी ने दवा विवाद को लेकर रामदेव से माफी मांगने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ''विज्ञापन पर 'पुत्रजीवक बीज' लिखा हुआ है। जैसे सिगरेट के पैकेट पर चेतावनी लिखी रहती है, वैसे ही रामदेव अपनी दवा पर लिखवाएं कि पुत्र-पुत्री प्राप्ति से इस दवा का कोई संबंध नहीं है, तो मेरा विरोध समाप्त हो जाएगा।"
पेट्रोल और डीज़ल के दामों में प्रति लीटर तीन रुपये से ज्यादा की वृद्धि की गई है.
सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑइल के अनुसार शनिवार मध्य रात्रि से पेट्रोल के दामों में 3.18 रुपये और डीजल के दामों में 3.09 रुपये की वृद्धि की गई है.
दामों में वृद्धि की ये घोषणा शनिवार को आम बजट आने के बाद की गई है.
पिछले कुछ दिनों में लगातार दूसरी बार पेट्रोल और डीज़ल के खुदरा दामों में बढ़ोत्तरी की गई है. इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन ने अपने बयान में कहा है कि पेट्रोल और डीज़ल दोनों की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बढ़ोत्तरी हुई है. साथ ही रुपये की तुलना में डॉलर की क़ीमत में भी बढ़ोत्तरी हुई है.
बयान के मुताबिक इन दोनों वजहों से पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ाना ज़रूरी हो गया था. बयान में ये भी कहा गया है कि आगे भी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में पेट्रोल और डीज़ल के दामों में बढ़ोत्तरी और डॉलर-रुपए संबंध का असर पेट्रोल और डीज़ल के दामों पर दिखाई पड़ेगा.
पिछले कुछ दिनों में लगातार दूसरी बार पेट्रोल और डीज़ल के खुदरा दामों में बढ़ोत्तरी की गई है. इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन ने अपने बयान में कहा है कि पेट्रोल और डीज़ल दोनों की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बढ़ोत्तरी हुई है. साथ ही रुपये की तुलना में डॉलर की क़ीमत में भी बढ़ोत्तरी हुई है.
बयान के मुताबिक इन दोनों वजहों से पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ाना ज़रूरी हो गया था. बयान में ये भी कहा गया है कि आगे भी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में पेट्रोल और डीज़ल के दामों में बढ़ोत्तरी और डॉलर-रुपए संबंध का असर पेट्रोल और डीज़ल के दामों पर दिखाई पड़ेगा.
अब दिल्ली पुलिस इसकी जांच कर रही है कि यह चेक किसी साजिश के तहत तो नहीं भेजा गया था। मजेदार बात यह है कि 'रिश्वत' भेजने वाले शख्स ने अपने जिस अकाउंट का एक लाख रुपये का यह चेक भेजा था, उस अकाउंट में सिर्फ 38 हजार रुपये थे।
यदि कोई इस चेक को अपने खाते में डालता तो चेक बाउंस हो जाता, हालांकि चेक को किसी खाते में डालना इसलिए संभव नहीं है कि यह साफ तौर पर किसी के भी फेवर में ड्रा नहीं किया गया है। केनरा बैंक के इस चेक पर 'एचआर मिनिस्ट्री' लिखा है।
झारखंड रांची के धुर्वा से ओम प्रकाश के नाम से यह पत्र भेजा गया था। पुलिस की जांच में ओम प्रकाश की पहचान सही पाई गई है। पत्र में कहा गया कि उसे झारखंड की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में उसे रजिस्ट्रार अपॉइंट किया जाए। पत्र के साथ एक चेक भी अटैच्ड था।
एक लाख रुपये का यह चेक भी साथ में आने पर यह समझा गया कि नौकरी पाने के लिए रिश्वत देने की पेशकश या वैसी ही शरारत की गई है। मामला पुलिस को दे दिया गया। पार्लियामेंट थाने में केस रजिस्टर करने के बाद जांच हो रही है और टीम रांची भी भेजी जा रही है।



