इस मौके पर लवली ने कहा कि अगले दो-तीन महीने में दूसरे और तीसरे क्लस्टर की बसें भी शुरू हो जाएंगी। ये बसें नॉर्थ, सेंट्रल और ईस्ट दिल्ली की 60 से ज्यादा रूटों पर चलेंगी। उन्होंने कहा कि हमारा टारगेट इस साल के अंत तक 1000 क्लस्टर बसों को सड़कों पर उतारने का है। हालांकि उन्होंने यह माना कि क्लस्टर बसों की पार्किंग के लिए जगह तय न हो पाने की वजह से दूसरे क्लस्टर्स की बसों के आने में देर हो रही है। लेकिन इस समस्या का भी हल निकाल लिया गया है।
क्लस्टर बसों के लिए कंझावला, सुनहरी पुल और कुशक नाला समेत 4-5 पार्किंग स्थलों को चिह्नित कर लिया गया है। इसका प्रपोजल फाइनैंस डिपार्टमेंट के पास भेजा जा चुका है। अगले हफ्ते इस संबंध में फाइनैंस डिपार्टमेंट की मीटिंग भी होने वाली है। वहां से क्लियरेंस मिलते ही इन जगहों पर क्लस्टर बसों की पार्किंग का रास्ता साफ हो जाएगा। जल्द ही क्लस्टर स्कीम के तहत चलने वाली एसी बसें भी लोगों को मिलने लगेंगी।
क्लस्टर-1 की बसें चला रही कंपनी के चेयरमैन अजय सिंह ने बताया कि 5 मई को मुख्यमंत्री ने क्लस्टर-1 की जिन 50 बसों को लॉन्च किया था, उनका बेहतरीन रिजल्ट सामने आ रहा है। ये बसें 99 फीसदी टाइम पर चल रही हैं और प्रत्येक बस से प्रतिदिन करीब 8500 रुपये की कमाई हो रही है। सबसे अच्छी बात यह है कि इन बसों से अभी तक एक भी सड़क हादसा नहीं हुआ है।
प्रतिदिन करीब 50 हजार यात्री इन बसों में सफर कर रहे हैं। इस मौके पर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री हारुन यूसुफ, पीडब्लूडी मंत्री राजकुमार चौहान, डिम्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर एस.एन. सहाय और डीटीसी के सीएमडी विजय कुमार देव समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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