कांग्रेस ने किए गलत फैसले
अन्ना को अनशन से रोका गया... उन्हें गिरफ्तार किया गया... जेल भेजा और फिर छोड़ा गया... उसके बाद भी कई बार टाल मटोल का रवैया अपनाया... संसद से लेकर सड़क तक फजीहत उठाई... प्रधानमंत्री ने कुछ कहा और राहुल गांधी ने कुछ और... पार्टी के अलग अलग नेता अलग तरह की बातें करते रहे... तमाम जगहसाई के बाद आखिरकार अन्ना की सारी मांगे भी माननी पड़ीं...
अन्ना के आगे दंडवत हुई कांग्रेस
शुरू में गुर्रा रही कांग्रेस का सुर नरम पड़ता गया... कांग्रेस बैक फुट पर सरकती गई... और उसके वो नेता जो अन्ना पर हमला बोल रहे थे गायब हो गए... और फिर उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी... युवाओं का भरोसा हासिल करके 200 लोकसभाओं में अपनी जीत दर्ज कराकर सत्ता में आई कांग्रेस वोटरों का भरोसा खोती गई...डेमेज इस कदर हुआ कि सरकार सुर बदलकर अन्ना के सामने दंडवत हो गई...
कांग्रेस चुकाएगी कीमत
अन्ना की ताकत का अंदाजा लगाने में नाकाम रही पार्टी को खासा नुकसान हुआ... और ये लंबे समय तक जारी भी रहेगा... कांग्रेस को अन्ना की ताकत का अंदाजा न लगापाने और सही फैसले न करने की कीमत चुकानी पड़ेगी...
कांग्रेस के ब्रांड राहुल को तगड़ा नुकसान
13 दिनों में नेताओं की पोल आम आदमी के सामने पूरी तरह खुल गई... आम आदमी भ्रष्टाचार की आग में झुलसता है और राहुल हों चाहे सोनिया वोट की खातिर महज कोरी बयानबाजी करते हैं... भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी बड़ी बातें करने वाले राहुल ने अन्ना के अनशन पर पूरी तरह चुप रहे... मीडिया के सवालों को नजरअंदाज करते रहे... संसद में बोले भी तो खूब छीछालेदर हुई... और राहुल पर लोगों का भरोसा कम हो गया...
सब कुछ लुटा के होश में आए तो क्या...
अनशन तोड़ते तोड़ते लड़ाई अभी बाकी है कि बात कहकर अन्ना ने साफ कर दिया कि गया है कि सत्ताधारियों का नुकसान अभी यहीं पर थमेगा नहीं... पिछले 13 दिनों में राजनीति का केंद्र सत्ता नहीं अन्ना बन गए... और कांग्रेस के लिए अब कहा जा रहा है सब कुछ लुटा के होश में आए तो क्या हुआ...
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