भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार सुबह 7.30 बजे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से झंडा फैराया और लोगों को संबोधित करते हुऐ ख़ास तौर पर लोकपाल बिल पर बात करते हुऐ कहा कि हम मज़बूत लोकपाल बिल बनाना चाहते हैं मगर ये भी चाहते हैं कि इस पर अनशन नहीं किया जाना चाहिए ये गलत है। साथ ही अन्ना हजारे का नाम लिए बिना पी एम ने बता दिया कि उनकी मांग गलत है। उन्होंने कहा कि लोकपाल के दायरे में जुडिशरी को लाना गलत होगा। इससे जुडिशरी की स्वतंत्रता पर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने जन लोकपाल बिल को लागू कराने वाले समर्थकों को सलाह दी कि आप अपने विचार राजनीतिक पार्टियों तक पहुंचाएं, लेकिन अनशन नहीं करें।
मनमोहन सिहं ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए है जिनमें कुछ मामलों में केंद्र सरकार के लोगों पर आरोप है जबकि कुछ अन्य मामलों में विभिन्न राज्य सरकार के लोगों पर भी आरोप लगे हैं और ये ज़रूरी है कि हम भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखे लेकिन, "ये ज़रूरी है कि जब इन मसलों पर विचार करें तो ऐसा माहौल पैदा न हो कि देश की प्रगति पर ही सवाल उठने लगें."
15 August 2011 at 14:13
Wha Zubair wah... good start