कथित सीडी प्रकरण से जुड़ी एएनएम भंवरी देवी मामले की जांच सीबीआई से कराई जाएगी। बुधवार देर रात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय बैठक में मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश का फैसला लिया गया।
बैठक के बाद गृह मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि इस मामले में हमारे सहयोगी कैबिनेट मंत्री का नाम आ रहा है, इसलिए अगर राजस्थान पुलिस इसमें जांच करेगी तो कई सवाल उठेंगे। महिपाल मदेरणा से मैंने बात की थी, इस पर मदेरणा ने कहा था कि सीबीआई से जांच को लेकर उन्हें कोई एतराज नहीं हैं और वे तैयार हैं।
भंवरी देवी मामले की पड़ताल के लिए जोधपुर पुलिस का एक दल झांसी गया हुआ है, लेकिन इस दल को भंवरी देवी के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली और न ही कोई शव मिला है।
उत्तरप्रदेश में तलाश, मौत पर असमंजस
भंवरी देवी का पता लगाने के लिए हाथ-पैर मार रही पुलिस अब तक नाकाम ही रही है। एक निजी चैनल पर उसका शव झांसी के पास औराई में मिलने की खबर से सनसनी फैल गई, मगर राजस्थान और उत्तरप्रदेश पुलिस ने इससे इनकार कर दिया।
इस मामले में सीकर, चूरू, तिलवासनी, तिंवरी और कापरड़ा के 6 जनों को पकड़ने और 15 जनों से पूछताछ करने के बाद भी पुलिस उप्र की गैंग और भंवरी तक नहीं पहुंच पाई।
बुधवार को रेंज आईजी उमेश मिश्रा और ग्रामीण एसपी नवज्योति गोगोई पूरे दिन एसपी ऑफिस के कंप्यूटर कक्ष में बंद रह कर झांसी, ओराई व शिवपुरी भेजी टीमों से अपडेट लेते रहे, मगर वहां भी कोई कामयाबी नहीं मिली।
औराई के एसपी एन चौधरी ने बताया कि राजस्थान पुलिस यहां आई थी। हमने कई जगह खुदाई करवाई, लेकिन किसी महिला का शव नहीं मिला।
एक माह पहले ही रामगढ़ आया था अशोक:
सीकर के रामगढ़ में पकड़ा गया अशोक मूलत: उत्तरप्रदेश का रहने वाला है। ढाई माह पहले उसके पिता रामगढ़ आए थे और वह एक माह पहले यहां आया था।
इन दोनों ने यूपी की गैंग से बात करने में गोल गप्पे बेचने वाले का मोबाइल फोन इस्तेमाल किया था। अशोक से बिलाड़ा थाने में और उसके पिता, गोलगप्पे बेचने वाले तथा सिम कार्ड इश्यू कराने वाले अन्य युवक से सीकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
0 comments