देश की राजधानी दिल्ली में हाईकोर्ट के बाहर बुधवार सुबह सवा दस बजे हुए धमाके में 12 लोग मारे गए हैं जबकि 65 घायल हुए हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर है। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि घटनास्थल पर 4 फुट गहरा गड्ढा हो गया है। अदालत के गेट नंबर पांच के पास हुए इस धमाके की जिम्मेदारी आतंकी संगठन हरकत उल जिहाद इस्लामी (हूजी) ने ली है। मीडिया को भेजे ई मेल में कहा गया है, ‘हम दिल्ली हाईकोर्ट के पास हुए बम धमाके की जिम्मेदारी लेते हैं। हमारी मांग है कि मोहम्मद अफजल गुरु की फांसी की सजा तत्काल वापस ली जाए नहीं तो हम बड़े उच्च न्यायालयों और सुप्रीम कोर्ट को भी निशाना बनाएंगे।’
दिल्ली में आज जिस सूटकेस में विस्फोटक रख कर हाई कोर्ट के बाहर धमाका कराया गया, उसे वकील बन कर आए किसी शख्स ने रखा था। खुफिया एजेंसी के एक सूत्र के मुताबिक, 'जिस तरह का ब्रीफकेस वकील रखते हैं, वैसे ही ब्रीफकेस में विस्फोटक रखा गया था। शायद इसलिए कि इस ब्रीफकेस को लावारिस देख कर भी किसी को शक नहीं हो।'
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख एस सी सिन्हा के मुताबिक एनआईए के 20 सदस्यों की विशेष टीम को ब्लास्ट की जांच सौंपी गई है। एनआईए चीफ ने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस धमाके में हूजी का हाथ है। हालांकि हूजी की ओर से भेजे गए मेल पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। महाराष्ट्र एटीएस की टीम भी जांच में सहयोग करने के लिए दिल्ली आ रही है। एनएसजी के जवान भी घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंचे।
सरकार ने आज धमाके के बाद दिल्ली सहित पूरे देश में अलर्ट जारी कर दिया है। संसद भवन की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। संसद भवन घटनास्थल से महज ढाई किलोमीटर की दूरी पर है। हाईकोर्ट के आसपास की इमारतों पर सेना के जवान तैनात कर दिए गए हैं।
हाईकोर्ट में 25 मई को भी एक छोटा धमाका हुआ था। केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि खुफिया एजेंसियों ने 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस को अलर्ट दे दिया था। इसके बावजूद आतंकी वारदात को अंजाम देने में कामयाब रहे।
गृह सचिव के मुताबिक आज के धमाके में आईईडी और टाइमर का इस्तेमाल किया गया है। धमाके में अमोनियम नाइट्रेट का भी इस्तेमाल किए जाने की खबर है। बांग्लादेश दौरे पर गए पीएम मनमोहन सिंह ने बम धमाके की निंदा करते हुए इसे कायराना कार्रवाई करार दिया है।
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